प्रसंग : एक
भगवान भास्कर शनै: शनै: अस्ताचलगामी हो रहे हैं। घाट पर छठव्रतियों का मेला सा लगा है। व्रतधारिणी ठंढे पानी में खड़े खड़े सूर्य की तरफ टकटकी लगाये देख रही हैं। अब तो अर्ध्य देने और दिलवाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। भगवान अपनी प्रदीप्त तेजोमयी छवि समेटकर सिंदूरी लाल हो चुके हैं। अब केवल लालिमा भर शेष है। अर्ध्य देने का कार्यक्रम समाप्त हो चुका है। कठिन उपवास में ठंढे पानी में देर से खड़ी महिलाओं के चेहरे पर उत्साह की लकीरें साफ़ देखी जा सकती हैं। सूर्यदेव अब क्षितिज के पार जा चुके हैं। प्रकाश रेखाओं का नामोनिशान नहीं है । एक बूढी दादी सी महिला के संकेत पर वह पानी से बहार आने को अपने कदम बढाती है। सहसा एक अधिकारपूर्ण स्वर घोषणा करता है ' आकाशवाणी पटना के अनुसार सूरज भगवान पांच बजकर चौंतीस मिनट पर डूबेंगे, अभी तो चार मिनट तेरह सेकेंड बाकी हैं '। उसके पैर ठिठक कर वहीँ रुक जाते हैं। वह पांच बजाकर चौतीस मिनट का इंतजार करने लगती है।
प्रसंग : दो
ब्रह्म वेला प्रारंभ हो चुकी है। छठव्रतियां मुंह अँधेरे उठकर महापर्व के महावसान की तैयारियों में लग चुकी हैं। आँखों में नींद अब भी बांकी हैं पर आस्था के उन्माद ने थकान को चेहरे से काफी दूर रखा है। उदयाचलगामी भगवान् भास्कर को विदा करने फिर से घाटों पर लोगों का मेला लग चुका है। व्रतियां सर से पाँव तक भींगे हुए, ठंढे जल में खड़ी है। क्षितिज पर टकटकी लगाए उनकी आँखें बेसब्री से सूर्य भगवान् के आगमन का इंतजार कर रही हैं। किसी ने फिर से अपने दर्पवाणी में घोषणा की 'आकाशवाणी पटना के अनुसार सूरज छह बजकर एक मिनट पर उगेगा आकाश में अब लालिमा छा चुकी है। अर्ध्य देने का कार्यक्रम फिर से शुरू होकर समाप्त हो चुका है। बस सूर्य की किरणों ने अपने पाँव धरती पर नहीं धरे हैं। शायद बादलों ने उनका मार्ग रोक रखा है। छह बजकर एक मिनट भी हो चुका है। एक किशोरवय लड़की अपनी कलाईघडी में झाँक कर माँ को बाहर आने का इशारा करती है। पर फिर से वही अधिकारपूर्ण स्वर गूंजता है ' सूर्योदय तो अभी हुआ हीं नहीं ? ' । व्रती के पाँव फिर से ठिठक कर पानी में हीं रुक जाते हैं।
इस बार वह आदेश का इंतजार करने लगती है।
A wonder that is Tendulkar
-
*Dada was left out of the Indian squad and whole Bengal was shouting for
him. Indian captain Mahendra Singh Dhoni influenced the hairstyle trend o...
15 years ago
